इस मामले में स्टूडेंट शरद विश्वकर्मा का आरोप है कि स्कूल के टीचर ओम प्रकाश तिवारी ने परीक्षा फॉर्म भरते समय उसके चुने हुए विषय संस्कृत के स्थान पर अंग्रेजी विषय भर दिया। इस त्रुटि के कारण प्रवेश पत्र में संस्कृत की जगह अंग्रेजी विषय अंकित हो गया। शरद विश्वकर्मा ने बताया कि उसने कक्षा 9वीं में भाषा विषय के रूप में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा प्रणाली के अनुसार विद्यार्थियों को भाषा के तीन विषयों में से दो का चयन करना होता है। उन्हीं विषयों की परीक्षा देनी होती है। फॉर्म में बदलाव के कारण वह निर्धारित विषय की परीक्षा नहीं दे सका। स्टूडेंट शरद विश्वकर्मा ने जब इस गल्ती की जानकारी अपने क्लास टीचर को दी तो उन्होने समस्या के समाधान किए जाने का अश्वासन दिया था। 19 फरवरी को जब वह परीक्षा देने केंद्र पहुंचा तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई और बाहर कर दिया गया। इस मामले की जानकारी छात्र द्वारा स्कूल प्राचार्य, कलेक्टर व कमिश्नर को भी गई इसके बाद भी कोई ीाी ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जिसके चलते अब छात्र शरद विश्वकर्मा ने सीएम मोहन यादव से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। ताकि उसका एक वर्ष खराब होने से बच जाए।