जबलपुर। राज्य शिक्षा केंद्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश के स्कूलों में पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के लिए नई आयु सीमा का निर्धारण कर दिया है। नए निर्देशों के तहत अब नर्सरी में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु कम से कम 3 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे कम उम्र के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य सभी विद्यालयों में एक समान शिक्षा व्यवस्था और आयु मापदंड लागू करना है।
नर्सरी और केजी कक्षाओं के लिए मापदंड
नए आदेश के अनुसार, पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए आयु सीमा स्पष्ट कर दी गई है। नर्सरी में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष और अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह तय की गई है। इसी क्रम में, केजी-1 के लिए न्यूनतम 4 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष 6 माह। व केजी-2: न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम 6 वर्ष 6 माह। इन तीनों कक्षाओं (नर्सरी, केजी-1, केजी-2) के लिए आयु की गणना संबंधित शैक्षणिक सत्र की 31 जुलाई की स्थिति में की जाएगी।
कक्षा 1 के लिए 6 वर्ष की आयु अनिवार्य
प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत यानी कक्षा 1 में प्रवेश के लिए अब बच्चे की आयु 6 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य कर दिया गया है। कक्षा 1 के लिए अधिकतम आयु सीमा 7 वर्ष 6 माह निर्धारित की गई है। विशेष बात यह है कि जहाँ नर्सरी और केजी के लिए आयु गणना की तारीख 31 जुलाई है, वहीं कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आयु की गणना 30 सितंबर की स्थिति में की जाएगी। शासन के इन स्पष्ट निर्देशों से अब प्रवेश के समय होने वाली विसंगतियां दूर होंगी।
