चयनित छात्रों को अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में पूरी तरह नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना में जबलपुर सहित भोपाल, इंदौर और ग्वालियर भी शामिल हैं
जबलपुर।मध्यप्रदेश सरकार की सरदार पटेल कोचिंग एवं प्रशिक्षण योजना 2021 (संशोधित 2025) के अंतर्गत अब जबलपुर संभाग के होनहार विद्यार्थियों के लिए कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की राह आसान हो गई है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में प्रवेश हेतु आयोजित होने वाली कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट) की तैयारी के लिए जबलपुर को एक प्रमुख केंद्र के रूप में चुना है। राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केंद्र द्वारा जारी निविदाओं के अनुसार, जबलपुर में एक विशेष कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां चयनित छात्रों को अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में पूरी तरह नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना में जबलपुर सहित भोपाल, इंदौर और ग्वालियर भी शामिल हैं।
100 सीटों पर होगा प्रवेश
जबलपुर केंद्र के लिए कुल 100 सीटों का प्रावधान किया गया है। इन सीटों का वितरण सामाजिक श्रेणी के आधार पर तय है, जिसमें पिछड़ा वर्ग के लिए 88 सीटें और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 12 सीटें आरक्षित की गई हैं। पूरे प्रदेश के लिए आवंटित 17.25 करोड़ रुपये के कुल बजट में से जबलपुर केंद्र के संचालन पर एक बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा। इस राशि का उपयोग विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री, डिजिटल एक्सेस और कक्षा शिक्षण प्रदान करने में किया जाएगा। इस पहल से महाकौशल क्षेत्र के उन प्रतिभावान युवाओं को लाभ मिलेगा जो आर्थिक कारणों से बड़े शहरों की महंगी कोचिंग में प्रवेश नहीं ले पाते थे।
कोचिंग संस्थानों के लिए निर्धारित मापदंड
जबलपुर में कोचिंग सेंटर के संचालन हेतु विभाग ने कड़े नियम निर्धारित किए हैं ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले संस्थानों के पास कम से कम 5 साल का शैक्षणिक अनुभव और पिछले 3 वर्षों में 5 करोड़ रुपये का औसत टर्नओवर होना अनिवार्य है। संस्थान के पास कम से कम 5000 वर्ग फीट का सुसज्जित परिसर, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और एक आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधा होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, केंद्र पर अंग्रेजी, लीगल रीजनिंग और करंट अफेयर्स जैसे विषयों के लिए कम से कम 2 फुल-टाइम विशेषज्ञ शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी, ताकि छात्रों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान हो सके।
आधुनिक डिजिटल सपोर्ट और चयन प्रक्रिया
कोचिंग की प्रक्रिया केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रहेगी। चयनित छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अध्ययन सामग्री और मॉक टेस्ट की सुविधा दी जाएगी। संस्थानों का चयन 10 अप्रैल को टेक्निकल बिड खुलने के बाद क्वालिटी कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन पद्धति से किया जाएगा। इस पद्धति में केवल कम लागत ही नहीं, बल्कि संस्थान के पढ़ाने के तरीके और पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को अधिक महत्व दिया जाएगा। जबलपुर के छात्र इस योजना के माध्यम से देश के शीर्ष विधि संस्थानों में प्रवेश पाकर न्यायिक सेवाओं और कानून के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकेंगे।
