जबलपुर। रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में संपत्ति कर को लेकर नगर निगम और उद्यमियों के मध्य वर्षों से बना गतिरोध समाप्त होने की दिशा में है। निगम प्रशासन की सख्ती और सार्थक संवाद के परिणामस्वरूप 90 उद्योगपतियों ने अपने बकाया टैक्स के चेक सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई उन 245 बकायेदारों को लेकर की जा रही है जो पहले कर जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। वर्तमान में कुल बकाया राशि का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा निगम के पास जमा हो चुका है। इस सकारात्मक पहल से नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी जिससे शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
निगमायुक्त के आश्वासन व निरीक्षण का असर
नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने हाल ही में रिछाई क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़कों और गलियों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। आयुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रामप्रकाश अहिरवार ने व्यक्तिगत रूप से उद्यमियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निगम केवल कर वसूली नहीं बल्कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस समन्वयकारी रुख के बाद उद्यमियों ने भी विकास कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया है।
फैक्ट्रियों की दोबारा नापजोख से तय होगा टैक्स
राजस्व विभाग के पुराने रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व में कर निर्धारण के दौरान टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। उस समय कई फैक्ट्रियों में ताले लगे होने के कारण अनुमानित नाप के आधार पर टैक्स निर्धारित किया गया था। वर्तमान में कुछ उद्यमियों का तर्क है कि उनकी पूरी इकाई चालू नहीं है और वे कर में राहत चाहते हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए निगमायुक्त ने विवादित संपत्तियों की फिर से निष्पक्ष नापजोख कराने के संकेत दिए हैं। इससे वास्तविक कर देयता स्पष्ट होगी और उद्यमियों को नियमानुसार राहत मिल सकेगी। इस प्रक्रिया से पारदर्शी तरीके से राजस्व वसूली का मार्ग प्रशस्त होगा।
