जबलपुर। पनागर के ककरहाई रपटा तालाब के पास एक अज्ञात पुरूष की लाश की शिनाख्त ही नहीं बल्कि उसकी हत्या करने वाले को भी पुलिस ने खोज निकाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है होली की रात शराबखोरी में मृतक के अपशब्द आरोपी बर्दाश्त नहीं कर सका था और उसने सिर पर लकड़ी के वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि तालाब के पास मिले शव के बारे में भूरी कोल ने बताया था कि उसके पिता हल्लू कोल, रामनाथ केवट, रघुवीर केवट एवं स्वराज केवट के यहां खेत ताकने के लिये लगभग 2 वर्ष से ककरहाई रपटा तालाब के पास बनी रघुवीर की टपरिया में रहते थे। लगभग 15 दिन पहले पिता हल्लू कोल उसके पास आये थे। 3.मार्च की सुबह लगभग 8 बजे गांव के अज्जू यादव ने फोन कर बताया कि हल्लू कोल ककरहाई रपटा के पास मृत अवस्था में पड़ा है। उसके पिता की मृत्यु पत्थर से सिर टकराने से आई चोटों से हुयी है।
पुलिस पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि 2 मार्च की शाम 6 बजे से हल्लू कोल मैकू कोल के साथ कल्लू बाई की झोपडी में बैठा था। संदेह के आधार पर सरगर्मी से तलाश करते हुये मैकू कोल को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की गयी। मैकू कोल ने हत्या करना स्वीकार किया। पूछताछ पर पाया गया कि मैकू एवं हल्लू कोल, कल्लू बाई के यहां बैठकर शराब पी रहे थे। कल्लू बाई के यहां से एक बोतल शराब खरीदकर वापस हल्लू कोल की झोपडी में दोनों लोग साथ मे जा रहे थे। शराब सेवन करने के बाद हल्लू कोल द्वारा मैकू कोल के साथ गालीगलौजह करने लगा। मैकू कोल के द्वारा बुजुर्ग आदमी समझकर विरोध नहीं किया और हल्लू कोल को झोपड़ी तक छोडने जाने लगा। झोपडी पुहंचने के कुछ कदम पहले हल्लू कोल के द्वारा पुनः गालीलगौज की गयी। मैकू कोल को गुस्सा आ जाने के कारण मैकू कोल के द्वारा हल्लू कोल को धक्का दिये जाने पर हल्लू कोल शराब के नशे में पत्थर के ऊपर गिर गया, जिससे हल्लू के सिर में चोटें आयी थी और हल्लू बार बार खडा होने का प्रयास कर रहा था। मैकू कोल के द्वारा दो तीन बार धक्का दिये जाने पर हर बार हल्लू कोल पत्थर के ऊपर गिरा और इसके बाबजूद भी हल्लू कोल के द्वारा गाली देना बंद न किये जाने पर मैकू कोल के द्वारा वहीं पास से लकडी उठाकर हल्लू कोल के सिर में कई बार मारा, जिससे आयी चोटों के कारण हल्लू की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी।
