जबलपुर । पिछले दो दिनों से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति शृंखला में आए व्यवधान ने शहर की रफ्तार पर असर डालना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय हालातों और स्थानीय वितरण प्रणाली में हुए बदलाव के कारण शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सोमवार शाम को अचानक उमड़ी भीड़ के बाद मंगलवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की खबरों के बीच आम नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, जिससे देर रात तक ईंधन भरवाने के लिए मारामारी मची रही।
शहपुरा डिपो की नई भुगतान व्यवस्था
ईंधन की इस किल्लत का मुख्य कारण शहपुरा डिपो से होने वाली सप्लाई व्यवस्था में किया गया नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। तेल कंपनियों ने पूर्व में दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। अब केवल उन पंप संचालकों को ही ईंधन की डिलीवरी दी जा रही है जिन्होंने मंगलवार दोपहर 2 बजे तक अग्रिम भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। पहले यह समय सीमा शाम 5 बजे तक हुआ करती थी। इस समय परिवर्तन और एडवांस पेमेंट की अनिवार्यता के चलते कई टैंकर समय पर डिपो से रवाना नहीं हो सके, जिसका सीधा असर शहरी क्षेत्र की आपूर्ति पर पड़ा।
16 दिनों का सुरक्षित भंडार,चिंता की कोई बात नहीं
सप्लाई में आई इस आंशिक बाधा के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से जानकारी दी है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। तेल कंपनियों के रिकॉर्ड के अनुसार शाहपुरा डिपो में वर्तमान में 16 दिनों का पर्याप्त स्टॉक आरक्षित है। मंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे अप्रामाणिक सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें। जिला प्रशासन भी लगातार तेल कंपनियों के संपर्क में है ताकि वितरण व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
प्रशासन का दावा,स्थिति नियंत्रण में
मंगलवार शाम तक कई पेट्रोल पंपों के टैंक फिर से खाली होने से संकट गहरा गया है। भुगतान की नई व्यवस्था के कारण कई पंप संचालक समय पर अपने टैंक फुल कराने में असमर्थ रहे हैं, जिससे आपूर्ति में अंतराल आ गया है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई चैन को फिर से सुव्यवस्थित किया जा रहा है। फिलहाल शहर के प्रमुख मार्गों पर स्थित पंपों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले 24 घंटों में भुगतान और डिलीवरी का तालमेल बैठने के बाद कतारें कम हो जाएंगी।
