जबलपुर। जिले के मझगवां थाना अंतर्गत एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां बेटे के पहले जन्मदिन का जश्न मातम में बदल गया। खुशियों भरे माहौल के बीच डीजे बंद कराने को लेकर हुए मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि 22 साल के एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
डीजे बंद कराने पर परिजनों से हुआ विवाद
मझगवां पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार राजेंद्र रजक जो कन्या स्कूल के पीछे निवास करते हैं, उनके बड़े बेटे प्रिंस रजक के बच्चे का पहला जन्मदिन था। इस अवसर पर घर में जश्न का माहौल था और परिवार के सदस्यों सहित अन्य करीबी लोग नाच-गाकर खुशियां मना रहे थे। कार्यक्रम के दौरान देर रात तक डीजे बज रहा था। रात करीब 11 बजे आसपास के पड़ोसियों ने शोर को लेकर विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद परिजनों ने प्रिंस से डीजे बंद करने के लिए कहा। परिजनों की यह बात प्रिंस को नागवार गुजरी और वह बिना कुछ कहे घर से बाहर चला गया। करीब 2 घंटे बाद वह शराब के नशे में वापस लौटा और घर के सदस्यों से इस बात पर बहस करने लगा कि आखिर संगीत क्यों बंद कराया गया।
आधी रात को कमरे में लगाया मौत का फंदा
परिजनों ने प्रिंस को काफी समझाने की कोशिश की कि रात अधिक हो जाने के कारण डीजे बंद करना जरूरी था, लेकिन वह शांत नहीं हुआ। विवाद के बाद रात करीब 3 से 3:30 बजे के बीच प्रिंस अपने कमरे में चला गया और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब उसके छोटे भाई ने कमरे का दरवाजा खोला तो प्रिंस पंखे में चुनरी के सहारे फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन तत्काल उसे फंदे से नीचे उतारकर सिहोरा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण गृह क्लेश और नशे की हालत में उपजा आक्रोश माना जा रहा है।
