एसपी अमित कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी की एक टीम भोपाल गई है, जहां वह परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य एकत्र करेगी। इसमें परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी डेटा और परीक्षा से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। वहीं दूसरी टीम 12 अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की तरफ गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर रतलाम पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है। परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ी के मामले में स्कूल संचालिका से पूछताछ की गई। पुलिस ने जानकारी जुटाई कि परीक्षा किस कमरे में हुई, स्टाफ कब मौजूद था। स्कूल से बाहर आने-जाने के रास्ते कौन इस्तेमाल करता था और परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैसे काम कर रहा था। बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद ईएसबी ने रतलाम पब्लिक स्कूल को आगामी सभी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है। इस परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने कराया था। जानकारी मिली है कि इस कंपनी को उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्यों में ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। कंपनी के खिलाफ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस इस पर फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रही है।
स्कूल में 4500 अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा
रतलाम पब्लिक स्कूल सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र था। यहां करीब 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कंपनी ने 357 कंप्यूटर उपलब्ध कराए, जिन पर पांच कमरों में दो शिफ्टों में परीक्षा ली गई। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था।
दो घंटे में एक घंटे तक चुप बैठे माउस तक नहीं छुआ-
जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत तेजी से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक चुपचाप बैठे रहे और माउस को हाथ तक नहीं लगायाए उसके बाद 15 अभ्यर्थियों ने 15 मिनट में और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर लिए। यह असामान्य गति देख पुलिस ने संदेह व्यक्त किया। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती और परीक्षा में शामिल हुए थेए लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन सभी ने 90 से अधिक अंक प्राप्त कर 100 पर्सेंटाइल हासिल कियाए जिससे बड़े स्तर पर गड़बड़ी उजागर हुई।