जबलपुर। मदन महल थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेपियर टाउन में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक छात्रा को पारिवारिक परेशानियों से मुक्ति दिलाने का प्रलोभन देकर एक अज्ञात जालसाज ने लगभग 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित छात्रा ने मदन महल थाने में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वर्तमान में उस मोबाइल नंबर और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिसके माध्यम से पैसों का लेनदेन किया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इंस्टाग्राम रील के माध्यम से बिछाया गया जाल
मंडला जिले की मूल निवासी 32 वर्षीय यामिनी नागरिया वर्तमान में जबलपुर के नेपियर टाउन क्षेत्र में एक किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है। यामिनी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि 7 जनवरी को वह अपने मोबाइल पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम देख रही थी। इसी दौरान उसके मोबाइल स्क्रीन पर निशा दयाल नाम की एक महिला की रील आई। इस रील में यह दावा किया जा रहा था कि वह किसी भी व्यक्ति के घर और परिवार से जुड़ी तमाम समस्याओं का तत्काल और गारंटीड निराकरण कर सकती है। यामिनी अपने परिवार की कुछ निजी समस्याओं को लेकर पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से काफी चिंतित चल रही थी जिसके कारण उसने रील में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का निर्णय लिया। फोन करने पर सामने से बात कर रही कथित निशा दयाल ने उसे पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया और कहा कि वह उसकी तमाम परेशानियों को विशेष पूजा के माध्यम से जड़ से दूर कर देगी। शुरुआत में आरोपी ने रजिस्ट्रेशन और अन्य प्रारंभिक प्रक्रियाओं के नाम पर 2000 रुपये की मांग की और यह झूठा आश्वासन दिया कि यह राशि प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस कर दी जाएगी।
पूजा पाठ के नाम पर वसूली गई राशि
झांसे में आई छात्रा ने पहली किस्त के रूप में 2000 रुपये बताए गए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने पूजा-पाठ, विशेष अनुष्ठान और विधि विधान का हवाला देते हुए अलग-अलग बहानों से पैसों की मांग लगातार जारी रखी। 7 जनवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला 12 फरवरी तक अनवरत चलता रहा। इस समयावधि में छात्रा ने अपने पास जमा पूंजी और अन्य स्रोतों से उधार जुटाए गए कुल 197390 रुपये आरोपी द्वारा बताए गए विभिन्न खातों में भेज दिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी छात्रा को अपनी पारिवारिक समस्याओं में कोई सुधार नजर नहीं आया और उसने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगने के लिए संपर्क किया तो सामने वाले व्यक्ति ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया और सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी कोई जवाब देना बंद कर दिया। तब जाकर छात्रा को इस बात का गहरा एहसास हुआ कि वह किसी सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है। मदन महल पुलिस ने बताया कि इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है और जिस मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया था उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाली जा रही है। पुलिस ने इस मामले में जालसाजी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
