पुलिस अधिकारियों के अनुसार पांढरीपाठ मंदिर से सटे जंगल में आज ग्रामीण जब लकड़ी बीनने पहुंचे तो उन्होने महिला की खून से लथपथ लाश देखी, जिसके पास ही कपड़े पास ही बिखरे पड़े थे। इससे पहले सोमवार को इसी इलाके से 33 साल के युवक चरणगिरी जोगी का शव मिला था। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने देखा कि महिला के शरीर पर धारदार हथियार के निशान है, एक दिन पहले चरणगिरी जोगी की लाश भी इसी जंगल में मिली थी। अधिकारियों का कहना है कि संभवत दोनों की हत्या कर लाश को जंगल में फेंक दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लांजी के सिविल अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में पता चला है कि महिला की पहचान छत्तीसगढ़ के बरसपुर निवासी जमुना यादव के रूप में हुई है, जबकि युवक चरणगिरी बेमेतरा जिले के रामपुर का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, चरणगिरी पहले पांढरीपाठ मंदिर की गौशाला में काम करता था, लेकिन अगस्त में उसे हटा दिया गया था। इसी दौरान मंदिर आने-जाने वाली जमुना से उसकी पहचान हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों 13 मार्च को राजनांदगांव से निकले थे और कुछ समय पहले गुजरात भी गए थे। महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों जंगल कब पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या मौत से पहले महिला के साथ कोई और अपराध हुआ था। फिलहाल पुलिस मंदिर के कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।