जबलपुर। भारतीय रेल द्वारा यात्रियों को अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुविधाजनक, सुरक्षित एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैशलेस ट्रांजेक्शन को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में पश्चिम मध्य रेल भी सक्रिय रूप से प्रयासरत है और विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है।
पश्चिम मध्य रेल के तीनों मंडलों—जबलपुर, भोपाल एवं कोटा—में पीआरएस एवं यूटीएस काउंटर्स पर यूपीआई/भीम, मोबाइल टिकटिंग तथा पीओएस मशीनों के माध्यम से कैशलेस भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों को ट्रेनों एवं स्टेशन परिसरों में डिजिटल माध्यमों से टिकट खरीदने और भुगतान करने हेतु भी प्रेरित किया जा रहा है।
चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में पश्चिम मध्य रेल ने पीआरएस एवं यूटीएस के माध्यम से कुल 8,73,727 यात्रियों से 10,88,01,953 रुपये का कैशलेस ट्रांजेक्शन कर रेलवे राजस्व अर्जित किया। इसमें पीआरएस के अंतर्गत पीओएस मशीनों से 15,14,370 रुपये तथा यूपीआई/भीम ऐप से 4,77,54,058 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं यूटीएस प्रणाली में मोबाइल टिकटिंग से 67,90,450 रुपये एवं यूपीआई/भीम ऐप से 5,30,23,075 रुपयेका राजस्व अर्जित किया गया।
डिजिटल भुगतान के लाभ
डिजिटल भुगतान प्रणाली से यात्रियों को नकद धनराशि ले जाने की आवश्यकता समाप्त होती है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ लेन-देन में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है। रेलवे द्वारा अपनाए गए सभी डिजिटल भुगतान माध्यम उन्नत एन्क्रिप्शन एवं डेटा प्रमाणीकरण तकनीकों से सुरक्षित बनाए गए हैं।
