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पमरे के दो रेलवे कर्मचारियों ने खाना बनाने वाली महिला से किया था रेप, कोर्ट ने सुनाई सजा

कोटा. पोक्सो न्यायालय क्रम संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी घनश्याम शर्मा ने एक महिला से बलात्कार करने के मामले में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा में पदस्थ दो रेलवे कर्मचारियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 26-26 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। 

न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक महेश भंडारी ने बताया कि पीडि़ता ने 20 फरवरी 2022 को थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि वह घरों में खाना बनाने का काम करती है। करीब दो माह पहले मोबाइल पर उसे कॉल आया और उसे खाना बनाने के काम पर लगाने की बात कही। कोर्ट का आदेश शुक्रवार 13 मार्च को आया है.

इसके बाद 20 फरवरी 2022 की सुबह करीब 10.30 बजे कॉल के अनुसार दो व्यक्ति बाइक लेकर आए और उसे बाइस से पार्सल ऑफिस के रेलवे क्वार्टर में ले गए, जहां दोनों ने उससे बलात्कार किया और मामले के बारे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह और 43 सबूत पेश किए गए। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी यूपी के मथुरा जिले के गांव शाहकुंज कॉलोनी निवासी हाल मुकाम पुरानी रेलवे कॉलोनी सतीशचंद (39) और भरतपुर के बयाना थाने के गांव मावली निवासी महेश (39) को 20 वर्ष के कठोर कारावास व 26-26 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायाधीश ने अर्थदंड की राशि पीडि़त महिला को देने और पीडि़त प्रतिकर अधिनियम के तहत सहायता राशि दिलवाने की अनुशंसा की है।

नरमी का रुख अपनाना न्याय संगत नहीं

न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा कि अभियुक्त रेलवे कर्मचारी होने के दौरान उन्होंने गरीब और अनपढ़ महिला के विश्वास को प्रवंचनापूर्ण उपाय का सहारा लेकर उसके साथ उसकी मानवीय प्रतिष्ठा के सर्वथा विपरीत सामूहिक बलात्संग जैसा घृणित कृत्य किया है। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के मामलों में नरमी का रुख अपनाया जाना न्यायसंगत नहीं है।

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