पीडि़ता ने अधिकारियों को शिकायत में बताया कि बिछिया थाने में पदस्थ एएसआई राकेश साकेत मेरे घर आए थे, उस वक्त घर में कोई नहीं था। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और मेरे चाचू के बारे में पूछने लगे। मैंने कहा कि वो ऑटो लेकर गए हैं आ जाएंगे तो मिल लीजिएगा। उन्होंने कहा कि तुम्हारे चाचू के खिलाफ एक लड़की ने शिकायत की है। फिर वो मुझसे घर में कमरा देने की बात करने लगे। मैंने मना किया और कहा कि मैं घर की मालकिन नहीं हूं। घरवाले आ जाएंगे तो उनसे बात कर लीजिएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब मैंने तुम्हें पहली नजर में थाने में देखा था तभी तुमसे इश्क हो गया था। मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको अंकल मानती हूं तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं नहीं मानता। इसके बाद उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी मुझे धक्का देकर घर के अंदर कर दिया और दरवाजा बंद कर लिया। फिर मेरे साथ गलत हरकत करने लगे और मुझ पर झपट पड़े। मैं किसी तरह खुद को बचाकर छत की तरफ भागी। वे पीछे आए तो थप्पड़ मारा। जब मैं छत पर जाकर मां को फोन करने लगी तो वो मुझे रोकने लगे और घसीटकर नीचे लाने की कोशिश की। इसके बाद 25 हजार रुपए देकर मामला खत्म करने के लिए हाथ-पैर जोडऩे लगे। मैं चाहती हूं कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीडि़ता की शिकायत दर्ज कर ली गई है। वहीं अधिकारियों ने यह भी कहा कि पीडि़ता के चाचा पर पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसकी जांच के सिलसिले में ही एएसआई वहां गए थे। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।