जबलपुर। रेलवे की पानी की समस्या को सुलझाने के लिए मंगलवार रात 9 बजे रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के 3 गेट खोल दिए गए हैं। बांध के कुल 21 गेटों में से गेट नंबर 10, 11 और 12 के माध्यम से जल निकासी प्रारंभ की गई है। बांध प्रबंधन ने गेट नंबर 11 को 50 सेंटीमीटर तक खोला है, जबकि गेट नंबर 10 और 12 को 25-25 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इन गेटों के खुलने का औसत 0.33 मीटर है। कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह के अनुसार बरगी बांध की जल विद्युत उत्पादन इकाइयों में मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। इन इकाइयों के बंद होने के कारण नर्मदा नदी में पानी का सामान्य प्रवाह काफी कम हो गया था। इस वजह से रेलवे की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बाधित होने लगी थी। रेलवे की इस आपातकालीन जरूरत को देखते हुए बांध प्रशासन ने गेट खोलने का निर्णय लिया है। इन तीनों गेटों के माध्यम से कुल 112 क्यूमेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे के दारोगाघाट स्थित पंपहाउस तक पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि छोड़े गए पानी की मात्रा सीमित होने के कारण निचले क्षेत्रों और घाटों के जल स्तर में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होगी, जिससे वहां जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
