
दमोह. मध्यप्रदेश के दमोह में जबलपुर रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में रविवार 15 मार्च की दोपहर उस वक्त 2 हजार से अधिक लड़कों और उनके परिजनों नेे हंगामा बरपा दिया, जब सम्मेलन में उन्हें लड़कियां यानी वधु ही नहीं दिखाई गईं। गुस्साए लड़कों और उनके परिजनों ने पहले तो मैरिज गार्डन में तोडफ़ोड़ की और फिर सड़क पर उतर आए और जबलपुर रोड पर जाम लगा दिया।
करीब आधे घंटे तक हजारों लड़के व उनके परिजन दमोह-जबलपुर रोड पर हंगामा करते रहे जिसके कारण जाम लग गया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और लोगों को समझाइश दी गई। तब जाकर मामला शांत हो सका।
युवाओं ने 1100 रुपये देकर कराया था रजिस्ट्रेशन
राधिका फाउंडेशन सेवा समिति और खाटूश्याम मैरिज ब्यूरो द्वारा सर्व हिंदू समाज का परिचय सम्मेलन का आयोजन दमोह में कराया गया था। जिसमें दमोह के अलावा जबलपुर, छतरपुर, सागर, पन्ना और आसपास के जिले के 2000 से अधिक लड़कों ने 1100 रुपए देकर पंजीयन कराया था। आयोजन समिति ने दावा किया था कि लड़कों के मौके पर ही विवाह कराए जाएंगे। साथ ही दहेज की लिस्ट भी अपने पंपलेट में प्रकाशित कराई गई थी, जबकि इसके पंजीयन करीब महीने भर पहले से कराए जा रहे थे। रविवार को यह आयोजन मैरिज गार्डन में सुबह 10 बजे शुरू हुआ था। जिसमें 7 हजार से अधिक लोग यहां पहुंचे थे। पहली बार किसी सम्मेलन में इतनी भीड़ देखने मिली थी।
दुल्हनों का 3 बजे तक इंतजार, फिर हुआ हंगामा
युवाओं ने बताया कि सम्मेलन में शादी कराने का दावा किया गया था, लेकिन यहां तो लड़के ही लड़के मौजूद थे। लड़कियां दिखाई ही नहीं गईं, न ही लड़कियों का परिचय कराया गया। ऐसे में एक भी संबंध यहां दोपहर तक नहीं बन सका, इससे दूर दराज से हजारों रुपए खर्च करके और पूरी व्यवस्था के साथ आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पहले तो आयोजन समिति के सदस्यों के लोगों की झड़प हुई। इसके बाद लोगों ने गार्डन में ही तोडफ़ोड़ शुरू कर दी और सभी हंगामा करते हुए दमोह-जबलपुर हाइवे पर एकत्रित हो गए और चक्काजाम कर दिया। ।
समिति ने रुपए लौटाने का दिया आश्वासन
हंगामे की खबर लगते ही पुलिस और तहसीलदार दमोह मौके पर पहुंचे और समझाईश देकर मामला शांत कर जाम खुलवाया। तहसीलदार रॉबिन जैन ने आयोजन समिति के लोगों के साथ ही सम्मेलन में आए लोगों से भी चर्चा की। लोगों ने उनके साथ ठगी होने की बात कही। जिस पर आयोजन समिति ने ऐसे लोगों के रुपए लौटाने का आश्वासन दिया, इसके बाद ही लोग माने। इस दौरान काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा।
