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जमतरा घाट पर पिकनिक के दौरान बड़ा हादसा, सेंट एलॉयसिस कॉलेज के 2 छात्र नदी के भंवर में डूबे



जबलपुर। जमतरा घाट पर पिकनिक मनाने और नहाने का उत्साह उस वक्त मातम में बदल गया जब सेंट एलॉयसिस कॉलेज के 2 होनहार छात्र नदी की गहराई में समा गए। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र एडविन जॉर्ज और जॉनी इक्का अपने साथियों के साथ जमतरा पहुंचे थे। पानी में नहाने के दौरान दोनों छात्र अचानक नदी के एक तेज भंवर की चपेट में आ गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया लेकिन नदी की प्रतिकूल स्थितियों के कारण सफलता हाथ नहीं लगी है।

​लापता छात्रों की तलाश में जुटे गोताखोर और बचाव दल

​गौर चौकी प्रभारी नितिन पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और गोताखोरों की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया था। पिछले 2 दिनों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन नदी की गहराई और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण अभी तक दोनों छात्रों का कोई पता नहीं चल सका है। 48 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी छात्रों का सुराग न मिलना प्रशासन और परिजनों के लिए गहरी चिंता का विषय बना हुआ है। गोताखोरों की टीम लगातार उस भंवर वाले स्थान और उसके आसपास के बहाव क्षेत्र में सर्चिंग कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पानी का दबाव और नीचे मौजूद चट्टानों की वजह से तलाशी अभियान में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

​कॉलेज परिसर में पसरा सन्नाटा और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

​जानकारी के मुताबिक एडविन जॉर्ज 23 वर्ष और जॉनी इक्का 23 वर्ष दोनों ही कॉलेज के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे। इस दुखद खबर के बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में सन्नाटा पसरा हुआ है और साथी छात्र गहरे सदमे में हैं। पुलिस प्रशासन ने लापता छात्रों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और रेस्क्यू अभियान को और तेज कर दिया गया है। जमतरा के इस खतरनाक भंवर वाले क्षेत्र में पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं जिससे अब स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बार-बार हो रही इन घटनाओं के बावजूद घाटों पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेरे का न होना एक बड़ी लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्चिंग जारी है।

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