जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर शहर में पहली बार तीन दिवसीय मध्य प्रदेश ध्यान महायज्ञ का विशाल आयोजन 20, 21 एवं 22 मार्च को मानस भवन में होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट (पीएमसी) जबलपुर एवं पी.एम.सी. हिंदी द्वारा किया जा रहा है। इसकी
अध्यक्ष श्रीमती संगीता डोलनी ने बताया कि इस महायज्ञ में देशभर से लगभग 1000 से अधिक साधकों के शामिल होने की संभावना है, जो ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति और आत्मिक विकास का अनुभव करेंगे। उन्होंने संस्था के बारे में बताते हुए कहा कि
इस संस्था के संस्थापक सुभाष पत्री हैं, जिनके मार्गदर्शन में पूरे विश्व में ध्यान का प्रचार-प्रसार हो रहा है। कार्यक्रम में अनुभवी वक्ता देश के विभिन्न हिस्सों से आकर अपने ध्यान अनुभव साझा करेंगे और ध्यान के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे।
पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट का मुख्य उद्देश्य विश्व में आनापान सती ध्यान का प्रचार प्रसार करना, ध्यान जगत, पिरामिड जगत, शाकाहार जगत और मैत्री जगत का निर्माण करना है, इसलिए इस दौरान प्रतिभागियों को आनापानसति ध्यान (श्वास पर आधारित ध्यान विधि) सिखाया जाएगा, ये एक सरल, सहज, साक्षी भाव से सांसों के अवलोकन पर आधारित विचार शून्य प्रक्रिया है, जो अत्यंत प्रभावी और सभी के लिए उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि यह तीन दिवसीय कार्यक्रम पूर्णत: नि:शुल्क है। साथ ही इसमें सभी प्रतिभागियों के लिए तीनों समय नि:शुल्क प्रसाद (भोजन) की व्यवस्था भी की गई है।
जो भी इच्छुक साधक इस कार्यक्रम में भाग लेना चाहते हैं, वे अपने मोबाइल में पी एम सी हिंदी ऐप डाउनलोड करके सरलता से पंजीयन करा सकते हैं। संगीता डोलनी जी ने सभी ध्यान प्रेमियों से आग्रह किया है कि इस अद्भुत अवसर का अवश्य लाभ उठाएं और अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करें।
