मरकापुरम. आंध्र प्रदेश के मरकापुरम जिले में गुरुवार, 26 मार्च की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. एक निजी ट्रेवल्स की बस और कंक्रीट से लदे टिप्पर ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद बस में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से कम से कम 14 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इस हादसे में 15 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह दर्दनाक दुर्घटना मरकापुरम जिले के रायावरम के पास सुबह करीब 6:30 बजे हुई. जानकारी के मुताबिक, हरिकृष्ण ट्रेवल्स की यह बस हैदराबाद से प्रकाशम जिले के पामुरु जा रही थी. एक पत्थर की खदान के पास विपरीत दिशा से आ रहे कंक्रीट से लदे टिप्पर ट्रक से बस की सीधी भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते वे पूरी तरह जलकर खाक हो गए.
35 यात्री थे सवार, तेजी से फैली आग
हादसे के वक्त बस में कुल 35 यात्री सवार थे. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका बहुत कम मिला. हालांकि, 10 यात्री आग भड़कने के तुरंत बाद बस से बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं. आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाडिय़ों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
घायलों की स्थिति गंभीर
हादसे में घायल हुए 15 लोगों को मरकापुरम के सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है. पीडि़त मुख्य रूप से कनिगिरी और पामुरु के निवासी बताए जा रहे हैं. स्थानीय विधायक के. नारायण रेड्डी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया.
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने जिला अधिकारियों से बात कर घटना की पूरी जानकारी ली और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने इस भीषण दुर्घटना की विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. परिवहन मंत्री मणिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर दुख जताते हुए पीडि़त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है.
