जबलपुर। शहरी स्वास्थ्य क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल पोर्टल पर एंट्री न करने का गंभीर मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्य समीक्षा में परफॉरमेंस अत्यंत खराब मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। अनमोल 2.0 पोर्टल पर कार्य में भारी लापरवाही बरतने और खराब प्रदर्शन करने के चलते कुल 13 एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पोर्टल परफॉर्मेंस से खुली पोल
विभागीय जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को नोडल अधिकारी शहरी स्वास्थ्य, डीएचओ और अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुख्य रूप से अनमोल 2.0 पोर्टल, दस्तक अभियान और एचएमआईएस पोर्टल पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित एएनएम द्वारा अपने आवंटित वार्डों में गर्भवती माताओं को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पोर्टल पर समय पर फीड नहीं की जा रही है। डाटा एंट्री के प्रति इस उदासीनता से जिले की स्वास्थ्य रैंकिंग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
फील्ड पर भी आ रही गिरावट
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वार्षिक लक्ष्यों के विरुद्ध एएनएम द्वारा की गई एनसी रजिस्ट्रेशन की संख्या 100 से भी कम पाई गई है। पोर्टल पर डाटा एंट्री का कार्य शत-प्रतिशत पूरा न होने के कारण स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में संबंधित कर्मचारी रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति अत्यंत धीमी हो गई है। सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि करीब एक दर्जन एएनएम को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध आगे की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
