जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने तीन बार एसोसिएशनों द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि हाईकोर्ट का माहौल बहुत शांतिपूर्ण है और वे किसी को भी इसे बिगाड़ने की अनुमति नहीं देंगे।
कोर्ट ने कहा,वकील परिवार की तरह हैं
बेंच ने कहा कि सभी वकील एक ही परिवार के सदस्य की तरह हैं। यदि कोई मुद्दा उठता है, तो उसे आपस में बैठकर सुलझाया जाना चाहिए न कि विवाद को बढ़ाना चाहिए। यह पूरा मामला ग्वालियर कोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की मूर्ति स्थापना से जुड़े विवाद और कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर की ओर से वकील वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि बार एसोसिएशनों ने न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश की है, इसलिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी यह जानकारी नहीं है कि नोटिस में क्या लिखा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कानून के तहत उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करने की स्वतंत्रता दी है।
