कानपुर में मजदूरी कर रहे थे जबलपुर के दो इनामी बदमाश, अब पहुंचे जेल


जबलपुर
। हनुमानताल थाना क्षेत्र में करीब 29 साल पहले हुई एक हत्या के मामले में फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। राजेंद्र मराठा और नरबद मराठा नामक ये दोनों आरोपी वर्ष 1999 में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद जमानत पर बाहर आए थे और तब से ही लापता थे। वर्ष 1997 में दर्ज हत्या के मामले (अपराध क्रमांक 100/97) में सत्र न्यायालय ने दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा दी थी। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद दोनों जबलपुर से भाग निकले। इनकी लंबे समय से तलाश कर रही पुलिस ने इन पर चार-चार हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। हाल ही में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर गठित विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के कानपुर में पहचान छिपाकर मजदूरी कर रहे हैं।

​1997 में मिली थी उम्र कैद की सज़ा

​थाना प्रभारी हनुमानताल सुभाष चंद बघेल के नेतृत्व में एक टीम कानपुर भेजी गई, जिसने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। 14 फरवरी 2026 को उन्हें जबलपुर लाया गया और न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया गया। दबोचे गए ​नरबद मराठा पर हत्या, लूट और अवैध वसूली जैसे 15 गंभीर मामले और राजेंद्र मराठा पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस महत्वपूर्ण सफलता में एएसआई राजेश मिश्रा, एसआई रोहिणी शुक्ला और प्रधान आरक्षक विनीत की मुख्य भूमिका रही।

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