जबलपुर। जबलपुर के चिकित्सा जगत से एक दुखद समाचार सामने आया है। शहर की प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का उपचार के दौरान निधन हो गया है। नेपियर टाउन जैसे पॉश इलाके में रहने वाली डॉ. श्रीवास्तव न केवल अपनी चिकित्सीय कुशलता बल्कि अपने सरल स्वभाव के लिए भी जानी जाती थीं। उनके निधन की खबर फैलते ही शहर के गणमान्य नागरिकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।
चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव ने अपने दशकों लंबे करियर में हजारों मरीजों की आंखों की रोशनी बचाई। जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित उनके क्लिनिक पर न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के जिलों से भी मरीज अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते थे। वे अपनी विशेषज्ञता के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहती थीं। उनके सहयोगियों का कहना है कि उन्होंने हमेशा सेवा भाव को प्राथमिकता दी। उनके जाने को शहर के चिकित्सा इतिहास के एक युग का अंत माना जा रहा है।
संपत्ति विवाद और हड़पने के आरोप
डॉ. श्रीवास्तव के निधन के साथ ही उनकी करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पिछले कुछ समय से यह मामला जिला प्रशासन और पुलिस के पास विचाराधीन है। आरोप है कि एक जैन परिवार द्वारा उनकी कीमती जमीन और संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा करने या उसे हड़पने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आई थीं, जिसके बाद मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था।
प्रशासनिक जांच और कई सवाल
वर्तमान में प्रशासन इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच कर रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी दस्तावेजों की कंगाली कर रहे हैं और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, डॉ. श्रीवास्तव के निधन के बाद भी जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। चूंकि यह मामला सार्वजनिक चर्चा और गंभीर आरोपों से घिरा है, इसलिए कलेक्टर कार्यालय इस पर पैनी नजर बनाए हुए है। अब देखना यह होगा कि डॉ. श्रीवास्तव के उत्तराधिकार और संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर प्रशासन क्या अंतिम निर्णय लेता है।
