रेलवे : सीनियर गुड्स से पैसेंजर ट्रेन मैनेजर बनने पर अब मिलेगा इंक्रीमेंट का दोहरा लाभ, जारी हुआ आदेश

नई दिल्ली. रनिंग स्टाफ, विशेषकर मालगाडिय़ों के हजारों ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) को रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर से सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर के पद पर पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का लाभ दिया जाएगा। यह निर्णय उन हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो लंबे समय से समान पे-ग्रेड होने के कारण वित्तीय नुकसान झेल रहे थे।

अभी तक की व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर और सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर दोनों का पे-बैंड और ग्रेड-पे अक्सर एक समान होता था। इस तकनीकी समानता के कारण रेलवे प्रशासन इसे केवल एक स्थानांतरण मानता था और पदोन्नति के बावजूद कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त वेतन वृद्धि नहीं दी जाती थी।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि मालगाड़ी की तुलना में यात्री गाड़ी की जिम्मेदारी संभालना एक बड़ी जवाबदेही है। पदानुक्रम में इस बदलाव को अब फंक्शनल प्रमोशन यानी वास्तविक कार्यात्मक पदोन्नति का दर्जा दिया गया है, जिससे कर्मचारी रेलवे सेवा नियम 2008 के नियम 13 के तहत एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट पाने का हकदार हो गया है।

19 जनवरी 2026 से प्रभावी हुई नई व्यवस्था

रेलवे बोर्ड ने वित्त, यातायात और स्थापना निदेशालयों से व्यापक परामर्श करने के बाद सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर दिया है। यह नया नियम 19 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस तिथि के बाद जितनी भी नियुक्तियां या पदोन्नतियां इस श्रेणी में होंगी, उन सभी पर यह नया वेतन नियम लागू होगा। 

देशभर के हजारों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस ऐतिहासिक फैसले का लाभ देश के लगभग 12 से 15 हजार सीनियर गुड्स मैनेजरों को मिलेगा। यदि लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ को मिला लिया जाए, तो यह संख्या एक लाख से भी अधिक हो जाती है। वर्षों तक मालगाडिय़ों में कठिन सेवा देने के बाद जब कोई कर्मचारी पैसेंजर ट्रेन की कमान संभालता है, तो उसे अब न केवल नई जिम्मेदारी मिलेगी, बल्कि उसके वेतन में भी सम्मानजनक बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।

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