रेल संरक्षा और कार्य गुणवत्ता पर जोर: एडीआरएम सुनील टेलर की मौजूदगी में एनकेजे में मंथन
जबलपुर। न्यू कटनी जंक्शन स्थित आरओएच डिपो में बुधवार को रेल परिचालन और वैगनों के रखरखाव की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय संरक्षा सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में अपर मंडल रेल प्रबंधक सुनील टेलर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/टीआरओ, मंडल विद्युत इंजीनियर जबलपुर, मंडल यांत्रिक इंजीनियर आरओएच/एनकेजे, एएम/एनकेजे और एडीईएन सहित अन्य तकनीकी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य लक्ष्य आपसी चर्चा के माध्यम से कार्य की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना था।
तकनीकी खामियों और रोल डाउन की रोकथाम पर मंथन
सेमीनार के दौरान रेल संरक्षा के संवेदनशील पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने रोल डाउन जैसी गंभीर घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही वैगनों में होने वाली तकनीकी समस्याओं जैसे हॉट एक्सल, फ्लैट टायर और लो टायर के कारणों और उनके निवारण पर गहन मंथन किया गया। रखरखाव की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मेंटेनेंस एग्जामिनेशन कार्यों की भी समीक्षा की गई।
गहन निरीक्षण और शून्य विफलता का लक्ष्य
चर्चा के दौरान वैगनों के व्यवस्थित रखरखाव और उनके सूक्ष्म निरीक्षण पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिचालन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी विफलता की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए कर्मचारियों को आधुनिक मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि रेल यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाया जा सके।
कर्मचारियों से लिया गया फीडबैक
सेमीनार के समापन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यस्थल पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर कर्मचारियों से सीधा संवाद किया और उनका फीडबैक लिया। चर्चा का निष्कर्ष यह रहा कि सुरक्षित रेल संचालन के लिए तकनीकी दक्षता और निरंतर सतर्कता अनिवार्य है। रेल प्रशासन ने दोहराया कि संरक्षा कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण सत्र आयोजित होते रहेंगे।

