जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में मुकदमों की जल्द सुनवाई (अर्जेंट हियरिंग) के लिए दी जाने वाली 'मेंशनिंग' की व्यवस्था सोमवार, 16 फरवरी से पूरी तरह बदलने जा रही है। हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत अब डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच के लिए अलग-अलग नियम लागू होंगे। यह आदेश रजिस्ट्रार (जे-2) वंदना मेहता द्वारा जारी किया गया है, जो सोमवार से प्रभावशील होगा।
प्रमुख बदलाव और नई व्यवस्था:
- डिवीजन बेंच (डीबी) के लिए: प्रशासनिक न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच-2 में अब केवल ई-मेंशनिंग के जरिए ही मेंशन मेमो स्वीकार किए जाएंगे। फिजिकल मेमो अब मान्य नहीं होंगे।
- सिंगल बेंच के लिए: सिंगल बेंच से संबंधित मामलों के लिए मेंशन मेमो अब ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
- तारीख का निर्धारण: कंप्यूटर द्वारा जो अगली तारीख जनरेट होगी, उसे ही न्यायालय द्वारा निर्धारित तारीख माना जाएगा।
- अत्यधिक जरूरी मामले: यदि किसी पक्ष को कंप्यूटर द्वारा दी गई तारीख से पहले सुनवाई चाहिए, तो उन्हें मेंशन मेमो में एक्सट्रीम अर्जेंसी यानी अत्यधिक जरूरी का ठोस कारण बताना होगा। पर्याप्त आधार होने पर ही उसी दिन या अगले दिन लिस्टिंग की अनुमति मिलेगी।
- अनावश्यक मेंशनिंग पर रोक: हाई कोर्ट प्रशासन का यह फैसला अनावश्यक और बिना वजह की जाने वाली मेंशनिंग को रोकने के लिए लिया गया है, ताकि गंभीर मामलों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
