लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि भगतराम खरे की पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता द्वारा ग्राम पंचायत धपारा में खसरा दव 627 में से 1/5 हिस्सा दिया था। जिसका सीमांकन कराने के बाद पावती देने के एवज में पटवारी महेंद्र बिसेन धपारा तहसील बरघाट द्वारा 6000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत भगतराम ने जबलपुर पहुंचकर लोकायुक्त एसपी से की। इसके बाद आज तहसील आफिस पहुंचकर पटवारी महेन्द्र बिसेन को 6 हजार रुपए की रिश्वत दी। तभी जबलपुर से पहुंची लोकायुक्त की टीम ने पटवारी महेन्द्र बिसेन को दबिश देकर रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम की हत्थे चढ़ते ही पटवारी रुपए फेंककर खड़ा हो गया। यहां तक कि विवाद करने की कोशिश की जिसे लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने कानूनी कार्यवाही में बाधा न डालने की हिदायत दी। पटवारी के लोकायुक्त टीम के हत्थे चढऩे की खबर से आफिस में हड़कम्प मचा रहा। उक्त कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव, बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।