नर्मदापुरम। एमपी के नर्मदापुरम स्थित डोलरिया सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर राकेश वर्मा से एक करोड़ 4 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह ठगी उन्हीं की गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने की। उसने पहले घर में जमीन में सोना गड़े होने की कहानी सुनाई फिर पोटली निकालकर तिजोरी में रखवाई। तांत्रिक के पुलिस द्वारा पकडऩे जाने का डर दिखाकर रुपए ऐंठे।
ड्राइवर अंकित पिता विपिन शर्मा निवासी आदर्श नगर ने उन्हें झूठी मनगढ़ंत कहानी सुनाकर जेल भिजवाने की धमकी देकर डेढ़ साल तक रुपए ऐंठे। प्राचार्य ने स्वयं, पत्नी और बेटे के अकाउंट और रकम तक गिरवी रख उसे रुपए दिए। ठगी का पता चलने पर प्राचार्य वर्मा ने कोतवाली थाने में शिकायत की। मामले में पुलिस ने ड्राइवर अंकित के खिलाफ भय दिखाकर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया। आज पुलिस ने आरोपी ड्राइवर अंकित शर्मा को तलाश करते हुए बंदी बना लिया। पुलिस के मुताबिक फरियादी राकेश कुमार वर्मा निवासी मदन कॉलोनी नर्मदापुरम है। उन्होंने बताया कि अंकित शर्मा पूर्व में उनकी कार चलाता था और उनके ही कालिका नगर स्थित मकान में रहता था। अच्छा व्यवहार बनाते हुए उसने तंत्र-मंत्र, माया का गढ़ा हुआ सोना निकालने की कहानियां सुनाई। उसने बताया कि कालिका नगर वाले मकान में 7 किलो सोना गड़ा है। जिसे मेरे एक उज्जैन के महाराज निकलवा देंगे। उसके लिए उन्हें 2 लाख रुपए लगेंगे। उसने खुदाई कर एक पोटली निकलवाई। बिना खोले प्राचार्य को दी। पुलिस का डर दिखाकर प्राचार्य से कहा कि घर की तिजोरी में रखवा दो। इतना ही नहीं डर दिखाया कि पोटली को खोला तो अंधे हो जाओगे। करीबन 7-8 दिन बाद आरोपी ने प्राचार्य को उज्जैन के काल्पनिक महाराज की मंगढ़त कहानी सुनाई। उसने कहा कि महाराज गिरफ्तार हो गए हैं उसमें आपका का नाम भी आया है। आपके बदले दूसरे नकली वर्मा को गिरफ्तारी करवा देंगे, जिसके लिए रुपए देने पड़ेंगे। कहानी सुनाकर लाखों रुपए ले लिए। कुछ दिन बाद उक्त साधू की हत्या की कहानी सुनाई। प्राचार्य को जेल भिजवाने का भय दिखाकर आरोपी अंकित शर्मा ने 1 करोड़ 4 लाख 14 हजार 150 रुपए ठग लिए।