जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र शिवांश गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। शिवांश के पिता संतोष कुमार गुप्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस पूरी घटना की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि रैगिंग और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई मौत का गंभीर मामला है।
वॉर्डन सहित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी
मामले की प्रारंभिक सुनवाई जस्टिस बी.पी. शर्मा की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के वॉर्डन रविकांत महंत को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही गृह सचिव, जबलपुर एसपी और गढ़ा थाने के एसएचओ को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रकाश गुप्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा।
रैगिंग और मारपीट का गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, शिवांश ने नीट 2024 में 660 अंक प्राप्त कर इस कॉलेज में प्रवेश लिया था। आरोप है कि द्वितीय वर्ष के छात्र नयन साहू ने एक छात्रा से मित्रता को लेकर विवाद के चलते शिवांश के साथ रैगिंग और दुर्व्यवहार किया था। परिजनों का दावा है कि मई माह में शिवांश ने अपनी मां को बताया था कि नयन साहू ने स्थानीय लड़कों को बुलाकर उसके साथ मारपीट भी की थी, लेकिन डर के कारण उसने इसकी शिकायत प्रशासन से नहीं की थी। गौरतलब है कि 5 जून 2025 को शिवांश हॉस्टल की छत से संदिग्ध रूप से गिर गया था और 6 जून को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।
