जबलपुर। रेलवे बोर्ड के एक निर्णय से लाखों रेल कर्मचारियों के समयबद्ध पदोन्नति की राह आसान होगी. बोर्ड ने विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं को निश्चित समय अवधि और पारदर्शी बनाने के लिए माडल सेलेक्शन कैलेंडर लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय रेलवे स्तर पर जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों में होने वाली पदोन्नति प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
प्रक्रियाओं को अधिकतम 45 से 90 दिनों में पूरा करना होगा
नए कैलेंडर से परीक्षाओं की बेहतर प्लानिंग संभव होगी और अब तक दो से तीन वर्षों तक लंबित रहने वाली प्रक्रियाओं को अधिकतम 45 से 90 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैलेंडर को इस प्रकार तैयार किया गया है कि विभागीय परीक्षा से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों को एक साथ व्यवस्थित किया जा सके। इसमें सूटेबिलिटी टेस्ट, ट्रेड टेस्ट, लिमिटेड डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव एग्जामिनेशन (एलडीसीई) और जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) शामिल किए जा सकते हैं।
बोर्ड का जोनल रेलवे को यह निर्देश
जोनल रेलवे अब वार्षिक डिपार्टमेंटल प्रमोशन कैलेंडर को अधिक व्यवस्थित ढंग से तैयार कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड के उप निदेशक अजय गोयल ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उनका कहना है कि विभागीय पदोन्नति में प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के माध्यम से समय पर परीक्षा आयोजन और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मॉडल कैलेंडर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि कामन फीडर ग्रेड से संबंधित परीक्षाएं एक साथ न हों। जोनल रेलवे आवश्यकता अनुसार इसमें अतिरिक्त श्रेणियां जोड़ सकते हैं।
