साजिश या भूल, जबलपुर में विद्युत मंडल के महत्वपूर्ण कागजात जंगल में मिले, उठाकर अधिकारियों को सौंपे गए


जबलपुर। एमपी के जबलपुर स्थित विद्युत मंडल के महत्वपूर्ण कागजात आज दोपहर एक बजे के लगभग शक्ति भवन के समीप लगे जंगल में कचरा समझकर फेंक दिए गए। लोगों ने देखा तो कागजात उठाकर अधिकारियों के पास पहुंच गए। जिन्होने उक्त कागजात को सहेजकर रखवा दिया है। यह साजिश है या फिर गल्ती से फेंक दिए। यह अब जांच का विषय बन गया है। 

                                   खबर है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के सिविल परियोजना से जुड़े ये दस्तावेज हैं। जिसका ऑफिस वर्ष 2000 में बंद हो गया है। सोमवार को नयागांव से ऑटो में पुराने दस्तावेज शक्ति भवन लाए जा रहे थे। उसी दौरान कागजात गिरे हैं। नयागांव के पास रहने वाले कुछ लोग जब गुजर रहे थे तो देखा कि रोड से थोड़ी दूर जंगल में कुछ दस्तावेज पड़े हुए है। करीब जाकर देखा तो उसमें पॉल्यूशन एंड इकोलॉजी कंट्रोल सर्विसेजए कुछ दस्तावेजों में प्रोजेक्ट रिपोर्ट जो कि मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड रामपुर जबलपुर की थी। ऑपरेशन मेंटेनेंस एंड ड्राइंग मैन्युअल की भी इसमें कुछ प्रोजेक्ट रिपोर्ट है। लोगों ने इन्हें बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर सौंपा है। लोगों का कहना है कि ये दस्तावेज बहुत महत्वपूर्ण हैं जिसे कचरा समझकर फेंक दिया है। अगर ये दस्तावेज खराब हो चुके हैं तो उसे शासन को नष्ट कर देना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि ये दस्तावेज किसी के हाथ लग जाते तो निश्चत रूप से अहित हो सकता था। मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि महानदी डैम से लेकर कई अहम दस्तावेज है।यह मध्यप्रदेश विद्युत विभाग की लापरवाही है। उनकी अनदेखी के कारण यह घटना हुई है।


Post a Comment

Previous Post Next Post