जबलपुर। जबलपुर पुलिस ने टी-20 विश्व कप के दौरान सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रांझी थाना क्षेत्र में कुख्यात सटोरिया दिलीप और संजय खत्री (खत्री ब्रदर्स) के सिंडिकेट से जुड़े दो सक्रिय गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनमोल उर्फ बीसू पटारिया और कृष्णा नामदेव के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से सट्टा बाजार में हड़कंप मच गया है।
लग्जरी कार में हाईटेक सट्टे का भंडाफोड़
पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि मेमोरी तिराहा स्थित सामुदायिक भवन के पास एक डार्क ब्लू रंग की लग्जरी कार (एमपी 20 जेडजी 0030) में बैठकर कुछ युवक मोबाइल के जरिए टी-20 मैचों पर हार-जीत का दांव लगवा रहे हैं। सूचना पर सीएसपी सतीश साहू और टीआई उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद, चार महंगे मोबाइल फोन और सट्टे में इस्तेमाल हो रही कार जब्त की है।
मास्टर आईडी और सट्टा ऐप्स का मायाजाल
तलाशी के दौरान आरोपियों के मोबाइल में 'CRICKET GURU' और 'थर्ड आई' जैसे प्रतिबंधित ऐप्स सक्रिय मिले। इन ऐप्स पर श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे मैच के रन और भाव दर्शाए जा रहे थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी अनमोल पटारिया ने खुलासा किया कि वह खत्री ब्रदर्स से 'Bet 4 Win' की मास्टर आईडी प्राप्त करता था। इसके बाद वह कृष्णा नामदेव, अंकुश शिवहरे, विशाल सराफ, राहुल ललवानी, अंकित सोनकर और विवेक गुप्ता जैसे एजेंटों को आईडी-पासवर्ड बांटकर बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवाता था।
अभी शहर में होंगी और गिरफ्तारियां
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने शहर और प्रदेश के कई रसूखदार सटोरियों और बुकियों के नामों का खुलासा किया है। पुलिस को मोबाइल से सटोरियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग और लेन-देन के डिजिटल सबूत भी मिले हैं। रांझी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 4(क) सट्टा एक्ट और धारा 112 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
