रेलवे- रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों को देगा नौकरी, इतना आरक्षण मिलेगा

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण पहल के तहत महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों और सेवारत/सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को सैन्य सेवा के बाद नागरिक जीवन में सुगम संक्रमण प्रदान करना तथा रेलवे में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।

वरिष्ठ सेना अधिकारियों और रेल मंत्रालय के नेतृत्व द्वारा शुरू की गई इस पहल से रेलवे में उपलब्ध नौकरियों के बारे में जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए एक समर्पित सहायता प्रणाली स्थापित की जाएगी। यह कदम पूर्व सैनिकों को सार्थक द्वितीय करियर प्रदान करने और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए इतना आरक्षण सुनिश्चित

पूर्व सैनिकों के लिए: लेवल-2 और ऊपर के पदों में 10% तथा लेवल-1 के पदों में 20% आरक्षण।

पूर्व अग्निवीरों के लिए: लेवल-2 और ऊपर के पदों में 5% तथा लेवल-1 के पदों में 10% आरक्षण।

वर्ष 2024 और 2025 में रेलवे की विभिन्न भर्ती अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद आरक्षित किए गए थे, जिनमें 6,485 लेवल-1 पद और 8,303 लेवल-2/ऊपर के पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और रेलवे भर्ती केंद्रों (आरआरसी) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाती है।

इसके अतिरिक्त, मौजूदा रिक्तियों को शीघ्र भरने और पूर्व सैनिकों की त्वरित नियुक्ति को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक पूर्व सैनिकों को संविदा आधार पर पॉइंट्समैन के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस हेतु 5,000 से अधिक पदों पर भर्ती की योजना है, और देश के 9 रेलवे मंडलों ने पहले ही सेना संगठनों के साथ रूश साइन कर लिए हैं।

यह सहयोग न केवल अग्निवीर योजना के तहत 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले पहले बैच के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सैन्य और नागरिक क्षेत्रों के बीच मजबूत समन्वय का प्रतीक भी है। इससे पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक और स्थिर रोजगार मिलेगा, जो उनकी कौशल और अनुशासन को रेलवे जैसे बड़े संगठन में उपयोगी साबित करेगा।


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