जबलपुर। ओमती थाना क्षेत्र के अंतर्गत जयंती परिसर स्थित एक मोबाइल दुकान में मरम्मत के लिए दिया गया मोबाइल हड़पने का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित, जो उत्तर प्रदेश के आगरा का निवासी है, की शिकायत पर पुलिस ने लगभग 8 साल पुराने घटनाक्रम में अब जाकर मामला दर्ज किया है।
2019 में मरम्मत के लिए दिया था फोन, सालों किया गुमराह
पीड़ित आदित्य गुप्ता (निवासी आगरा) ने पुलिस को बताया कि सितंबर 2017 में उन्होंने अपने मित्र सुमिताब सेनगुप्ता के साथ एक मोबाइल खरीदा था। सितंबर 2019 में पुणे से जबलपुर यात्रा के दौरान फोन खराब होने पर उन्होंने इसे जयंती परिसर की पहली मंजिल पर स्थित एक दुकान में 'सोनू और गोलू' नामक संचालकों को मरम्मत के लिए दिया। दुकानदारों ने एक दिन में फोन ठीक करने का वादा किया था, लेकिन उसके बाद सालों तक टालमटोल करते रहे। कभी बीमारी, कभी छुट्टी तो कभी लॉकडाउन का बहाना बनाकर मोबाइल वापस नहीं किया गया। पीड़ित के अनुसार, उस मोबाइल में उनके कुछ महत्वपूर्ण अदालती प्रकरणों (कोर्ट केस) से जुड़े साक्ष्य और निजी डेटा सुरक्षित था। फोन वापस न मिलने और लगातार गुमराह किए जाने से उन्हें भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। हाल ही में अक्टूबर 2025 में भी जब उन्होंने फोन माँगा, तो आरोपियों ने मोबाइल देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें पहचानने तक से मना कर दिया। कथित तौर पर आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया भी।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और IMEI से छेड़छाड़
शिकायत में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि दुकान संचालक गोलू पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पीड़ित का दावा है कि गोलू पहले भी मोबाइल के IMEI नंबर बदलने के मामले में जेल जा चुका है। बताया गया है कि उस मामले में एक ही IMEI नंबर देश के 24 अलग-अलग राज्यों के मोबाइल फोन में सक्रिय पाया गया था। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
