पाकिस्तानी जेल से 7 साल रिहा होकर अपने घर लौटा प्रसन्नजीत, बहन ने उतारी आरती, दोस्तों ने गले से लगाया

 

बालाघाट। पाकिस्तान की जेल से सात साल बाद निकल पाए प्रसन्नजीत रंगारी  शाम को बालाघाट के कटंगी पहुंचे। यहां भाजपा विधायक गौरव पारधी ने प्रसन्नजीत का शॉल और माला पहनाकर स्वागत किया। कटंगी के बाद प्रसन्नजीत अपने जीजा राजेश खोब्रागड़े के साथ उनके घर मैहकेपार आए। यहां बहन संघमित्रा ने आरती उतारी तो भाई प्रसन्नजीत ने उनके पैर छुए। दोस्तों ने उनको गले लगाया। बेटे को आंखों के सामने पाकर परिजन बोले, अब कहीं मत जाना।

                             प्रसन्नजीत के जीजा राजेश खोब्रागड़े मैहकेपार रोजगार सहायक योगेंद्र चौधरी, मोहगांव रोजगार सहायक आशीष वासिनी और कॉन्स्टेबल लक्ष्मीप्रसाद बघेल उन्हें लेने बालाघाट से अमृतसर गए थे। वहां से सभी लोग कार से बालाघाट के लिए निकले थे। प्रसन्नजीत को 31 जनवरी को पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया था। परिवार को उन्हें घर लाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद कलेक्टर मृणाल मीणा ने इंतजाम किए। ट्रेन के टिकट करवाकर परिवार के साथ प्रशासनिक कर्मचारियों को अमृतसर भेजा। रोजगार सहायक योगेंद्र चौधरी सहित अन्य लोग 4 फरवरी की रात करीब 10.30 बजे अमृतसर पहुंचे थे। यहां रेडक्रॉस मजीठिया रोड थाने में औपचारिकताएं पूरी करवाईं। इसके बाद पुलिस ने प्रसन्नजीत को हमें सौंप दिया। थाने में राजेश ने प्रसन्नजीत से पूछा मुझे पहचानते हो, इस पर उसने हां में जवाब दिया। कहा नमस्ते जीजाजी। इसके बाद अपनी बहन संघमित्रा का नाम बताया। पूछा कि कहां के रहने वाले हो तो प्रसन्नजीत ने कहा, कैलांजी गांव का रहने वाला हूं।

 2019 में पाकिस्तानी जेल पहुंचा था-

योगेंद्र चौधरी ने कहा. प्रसन्नजीत से पूछा गया कि वह पाकिस्तान कैसे पहुंचा। उसने कहा कि वह 2017 में दिल्ली घूमने गया था। इसी दौरान मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। 2019 में लाहौर की पाकिस्तान जेल में था। लेकिन वहां कैसे पहुंचा इस बारे में प्रसन्नजीत कुछ नहीं बता पा रहा है। पाकिस्तान में दर्ज एफआईआर में लिखा है कि अक्टूबर 2019 में प्रसन्नजीत को बिना वीजा और पासपोर्ट के पकड़ा गया था। इसके बाद उसे लाहौर जेल भेज दिया गया था।

दिसंबर 2021 में पाकिस्तान में होने का पता चला-

प्रसन्नजीत के जीजा राजेश खोब्रागड़े ने कहा. वे 2017 में घर से लापता हो गए थे। कुछ समय बिहार रहेए फिर लौट आए लेकिन बाद में दोबारा गायब हो गए। परिजन ने काफी तलाश की। कोई सुराग नहीं मिला तो उन्हें मृत मान लिया गया था। दिसंबर 2021 में अचानक आए फोन से परिवार को पता चला कि प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उनकी बहन संघमित्रा लगातार उनकी घर वापसी के लिए संघर्ष कर रही थीं।


Post a Comment

Previous Post Next Post