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पमरे के कारखानों का बड़ा कारनामा : दस माह में 7230 कोचों/वैगनों की मरम्मत का बनाया रिकार्ड

 
जबलपुर.
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों/वैगनों का पीरीयोडिक ओवर हालिंग का कार्य किया जाता है। दोनों कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन में अनुरक्षण डिपो में चालू वित्तीय वर्ष में कोचों/वैगनों का अनुरक्षण करके अच्छा प्रदर्शन किया है। 

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दस माह में सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 7230 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 1041 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 6189 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया। 

  अकेले जनवरी माह की बात करे तो सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 745 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 125 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 620 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया। गतवर्ष की तुलना में कोचों में 34 प्रतिशत एवं वैगनों में 03 प्रतिशत अधिक मरम्मत की गई। 

  पीओएच के दौरान ये कार्य किये जाते हैं

- कोच और वैगन के बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में सरंक्षा सुनिश्चित की जा सके।

- कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो सरंक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। 

- एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफऱ की मरम्मत की जाती है जिससे सरंक्षा में बढ़ोत्तरी एवं जर्क फ्री राइडिंग (झटके रहित यात्रा) का अनुभव मिलता है। 

- पहियों (व्हील) और धुरी (एक्सल) की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।

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