जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंदौर टीम ने 400 के.व्ही. इंदौर-नागदा ट्रांसमिशन लाइन पर 'लाइव लाइन मेंटेनेंस' (चालू लाइन में सुधार) कर ग्रिड की स्थिरता को बनाए रखा। इस चुनौतीपूर्ण कार्य के कारण न केवल एक बड़ा आउटेज टला, बल्कि प्रदेश को होने वाली संभावित आर्थिक क्षति से भी बचाया जा सका।
बिना शटडाउन के बदला इंसुलेटर, महाशिवरात्रि पर निर्बाध आपूर्ति का लक्ष्य
अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती नीलम खन्ना के अनुसार, महाशिवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए ग्रिड की स्थिरता बेहद जरूरी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम ने लाइन को बंद किए बिना (बिना शटडाउन के) मेंटेनेंस करने का निर्णय लिया। इस दौरान लगभग 200 मेगावाट पावर फ्लो वाली चालू लाइन पर खराब डिस्क इंसुलेटर स्ट्रिंग को सफलतापूर्वक बदल दिया गया।
अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों का कमाल
इस जटिल कार्य को अंजाम देने के लिए विशेष तकनीकों का सहारा लिया गया। मेंटेनेंस के दौरान व्हीकल-माउंटेड इंसुलेटेड एरियल वर्क प्लेटफॉर्म, हॉट-स्टिक उपकरणों और 'वेयर-हैंड' तकनीक का उपयोग किया गया। इस सफल ऑपरेशन से इंदौर और नागदा के बीच बिजली का आदान-प्रदान पूरी तरह सुरक्षित रहा और उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिलती रही।

