पुलिस अधिकारियों के अनुसार माधव गोविंद पिता रामभरोसे गुप्ता निवासी मोहन नगर वार्ड ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि वे आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। मेरा बेटा वर्ष 2022 में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसी दौरान मेरी दुकान पर रामकुमार उपाध्याय निवासी चमेली चौक दवा लेने के लिए आते थे। जिनको मैंने बताया कि मेरा बेटा मेडिकल में प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है। लेकिन उसके कम नंबर आए हैं तो रामकुमार उपाध्याय ने कहा कि मेरे मेडिकल कॉलेजों में अच्छे संबंध हैं। मेरी बड़े-बड़े राजनेताओं से पहचान है। मैंने अब तक कई लड़कों के एडमिशन कराए हैं। मैं तुम्हारे बेटे का भी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन करा दूंगा। जिसके लिए 25 से 30 लाख रुपए लगेंगे। रामकुमार के कहने पर मैंने वर्ष 2022 मई-जून माह से वर्ष 2023 तक 26 लाख रुपए नकद दिए। जिसके लिए मैंने अपना घर तक गिरवी रख दिया था। जिसके बाद रामकुमार ने कहा कि तुम्हारे लड़के का एडमिशन हो गया है। मैंने फिर उसे 2.75 लाख रुपए और दिए। जिसके बाद 2023 में मेरे बेटे के अच्छे नंबर आने पर उसका महावीर मेडिकल कॉलेज भोपाल में एडमिशन हो गया। मैंने रामकुमार के द्वारा एडमिशन न करा पाने के कारण जब उससे अपने 28 लाख 75 हजार रुपए वापस मांगे तो उसने कहा कि तुम्हारे पैसे जमा हैं। वह मिल जाएंगे तो वापस कर दूंगा। लगातार टालता रहा। दो से तीन दिन पहले उसने स्पष्ट रूप से कह दिया कि रुपए नहीं है। तुम से जो बने कर लेना। जिसके बाद शिकायत करने आया हूं। शिकायत पर मोतीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है।