लोक निर्माण मंत्री शहर से, फिर भी पूर्व विधानसभा की अनदेखी क्यों


रद्दी चौकी से तहसीली चौक तक गूंजा जनअधिकार का नारा,
स्मार्ट मीटर की धांधली और अघोषित बिजली कटौती पर भी आक्रोश

जबलपुर। शहर में स्मार्ट सिटी के दावों के बीच शनिवार को पूर्व विधानसभा क्षेत्र की सड़कों पर भारी जनआक्रोश देखने को मिला। फ्लाईओवर निर्माण में देरी, अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की धांधली के विरोध में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में 'जनअधिकार यात्रा' निकाली गई। यह यात्रा रद्दी चौकी (अब्दुल हमीद चौक) से शुरू होकर तहसीली चौक (अंबेडकर चौक) पर समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अधिवक्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

186 करोड़ का प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में, भाजपा पर भेदभाव का आरोप

​सभा को संबोधित करते हुए विधायक लखन घनघोरिया ने सत्तापक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की 14 महीने की सरकार के दौरान रद्दी चौकी से तहसीली चौक तक 186 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही इस जनहितैषी परियोजना को राजनीतिक द्वेष के चलते भोपाल में स्थायी समिति के पास अटका दिया गया। घनघोरिया ने सीधे तौर पर भाजपा नेताओं और मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके दबाव में पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विकास को रोका जा रहा है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, जहां प्रतिदिन लाखों लोग जाम में फंसते हैं। ट्रैफिक की बदहाली का आलम यह है कि कई बार लोग समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाते और उनकी ट्रेनें छूट जाती हैं, मगर प्रशासन मौन बना हुआ है।

स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की मार से त्रस्त है जनता

​फ्लाईओवर के साथ-साथ बिजली की समस्या भी इस यात्रा का मुख्य केंद्र रही। विधायक ने कहा कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र में अधिकांश आबादी श्रमिक वर्ग की है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से गरीब बस्तियों में मनमाने और अत्यधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिसे भरना आम आदमी की क्षमता से बाहर है।उन्होंने आगे कहा कि भीषण कटौती के कारण बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यापार पूरी तरह ठप हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री स्वयं जबलपुर से हैं, इसके बावजूद शहर के एक हिस्से के साथ इस तरह का सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विकास के नाम पर भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

अधिवक्ताओं का मिला साथ, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

​इस जनअधिकार न्याय पदयात्रा को शहर के अधिवक्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने विधायक का स्वागत किया और अपनी मूलभूत समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की नहीं बल्कि पूरे जबलपुर के न्याय की लड़ाई है। यात्रा के समापन पर लखन घनघोरिया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू नहीं किया और बिजली की समस्या का समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस इस आंदोलन को और भी उग्र रूप देगी। जनता के हक की लड़ाई अब सड़कों से लेकर शासन के गलियारों तक लड़ी जाएगी।

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