बताया गया है कि रामप्रसाद वर्मा का छोटा बेटा रोहित वर्मा बीती रात 9 बजे के लगभग अपने दोस्तों अंकित शुक्ला, ऋ षभ सिंह व एक अन्य के साथ सोहावल मैदान पर खड़ा था। सभी की बाइकें भी वहीं थीं। इसी दौरान सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंची और सभी को बाइक सहित थाने ले गई। रात करीब 11 बजे रोहित का बड़ा भाई करण थाने पहुंचा। प्रधान आरक्षक ने उसे बताया कि रोहित का ड्रंक एंड ड्राइव में चालान कट चुका है। बाइक अब कोर्ट से ही मिलेगी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक ने 500 रुपए लेकर रोहित के दोस्त अंकित की बाइक छोड़ दी थी। इसके बाद रोहित अपने बड़े भाई के साथ घर लौट आया। आज सुबह 8 बजे जब पिता रामप्रसाद स्कूल जाने के लिए तैयार हुए। उन्होने बाइक की चाबी मांगी तो बड़े बेटे करण ने उन्हें रात के घटनाक्रम की जानकारी दी। जानकारी सुनते ही रामप्रसाद की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिरकर बेहोश हो गए। रामप्रसाद को बेहोश होते देख परिजन अस्पताल ले गए, जहां पर डाक्टरों ने जांच के बाद रामप्रसाद वर्मा को मृत घोषित कर दिया।
टीआई बोले ने कहा, रोहित को हिदायत छोड़ दिया था-
इस मामले में टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि रात में गश्त के दौरान रोहित और उसका एक दोस्त सोहावल मैदान में बाइक खड़ी कर शराब पीते मिले थे, जिस पर बीएनएस की धारा 181 के तहत ड्रंक एंड ड्राइव का केस बना कर बाइक का चालान काटा गया था। जबकि अंकित शुक्ला की बाइक का आरटीओ दस्तावेज में चालान काटा गया था। जुर्माना भरवा कर उसकी बाइक छोड़ दी गई थी। रोहित को भी हिदायत देकर जाने दिया गया था।