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ERDA और CBIP जैसी दिग्गज एजेंसियां परखेंगी ट्रांसको की कार्यक्षमता


कम्पनी ने शुरू कराया प्रदेश के ग्रिड का थर्ड पार्टी ऑडिट,
अब कम होगी बिजली ट्रिपिंग की समस्या

जबलपुर। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम का 'थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट' शुरू कर दिया है। इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य बिजली पारेषण प्रणाली की मजबूती और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाना है। यह ऑडिट देश की प्रतिष्ठित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एंड पावर (CBIP) और इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन (ERDA), बड़ौदा जैसी संस्थाएं शामिल हैं। ये एजेंसियां स्वतंत्र रूप से प्रदेश के ट्रांसमिशन ग्रिड और सब-स्टेशनों में लगे प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले सेटिंग्स, ट्रिपिंग लॉजिक के साथ-साथ कंट्रोल और कम्युनिकेशन सिस्टम का बारीकी से मूल्यांकन कर रही हैं।

बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से मिलेगी मुक्ति

​एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि इस ऑडिट का प्राथमिक लक्ष्य अनावश्यक ग्रिड ट्रिपिंग को रोकना और सिस्टम की रिस्टोरेशन क्षमता (बिजली बहाली की गति) को बढ़ाना है। ऑडिट टीम उन फीडरों के इवेंट लॉग और तकनीकी डेटा का गहराई से विश्लेषण कर रही है जहाँ बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आती है, ताकि उनके स्थायी समाधान खोजे जा सकें। श्री सक्सेना के अनुसार, ऑडिट पूरा होने के बाद प्राप्त विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट और सुधारात्मक कार्ययोजना के आधार पर सिस्टम में जरूरी अपग्रेडेशन किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए एक ग्रिड हेल्थ चेकअप की तरह है, जो भविष्य की बढ़ती बिजली मांगों और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए सिस्टम को तैयार करेगी।

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