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नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की पहल: बरगी में रामायण प्रश्नोत्तरी के मेधावी छात्र पुरस्कृत



जबलपुर
।  चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस के पावन अवसर पर नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई रामायण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का संकुल स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। 15 जनवरी 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरगी के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 के उन होनहारों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शाला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।

रामचरितमानस जीवन के अंधकार को दूर करने वाला प्रकाशपुंज

​समारोह के मुख्य अतिथि डीपीसी जबलपुर योगेश शर्मा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज के आधुनिक युग में विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराना नितांत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा, "विद्यार्थी न केवल रामचरितमानस को पढ़ें, बल्कि उसमें निहित भगवान राम के आदर्शों को अपने चरित्र में उतारें।"

​विशिष्ट अतिथि प्राचार्य किशन रायखेडे ने भी विद्यार्थियों के ज्ञान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके भीतर संस्कारों के बीज बोती हैं। बीआरसीसी केशव दुबे ने रामायण को एक 'प्रेरक महाकाव्य' बताते हुए इसे शिक्षा पद्धति में नैतिक मूल्यों के संचार का सबसे सशक्त माध्यम करार दिया।

चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस: एक राष्ट्रीय गौरव का आयोजन

​कार्यक्रम के दौरान बीएसी रत्नेश मिश्रा ने उपस्थित जनों को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस एक राष्ट्रीय स्तर का प्रेरक मंच बन चुका है। उन्होंने पूर्व के आयोजनों की सफलता और आगामी सम्मेलन की रूपरेखा साझा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य योगिनी पवार ने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया, वहीं जनशिक्षक संतोष मिश्रा ने कुशल मंच संचालन के जरिए कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

सामुदायिक सहभागिता और गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें जनशिक्षक नरेंद्र ऊईके, देवी पटेल, देवेंद्र पटेल, विपिन विश्वकर्मा, खरगराम पटेल, सतीश त्रिपाठी, सतीश दुबे, उमेश ठाकुर, सतीश खरे, संतोष सिंगौर, दिनेश बिसेन, सतीश धूमकेतु, किशन लाला कोल और दिनेश रजक प्रमुख थे। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित पालकों और जनप्रतिनिधियों ने स्कूल के इस प्रयास की सराहना की।

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