जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और आपातकालीन कौशल को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासकीय बुंदेलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के संयुक्त तत्वावधान में सी.पी.आर. एवं अन्य जीवन रक्षक तकनीकों पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर अचानक उत्पन्न होने वाली चिकित्सीय आपात स्थितियों के दौरान कर्मियों को सक्षम बनाना था।
प्रशिक्षण की उपयोगिता और सहभागिता
ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विभाग की पहल पर आयोजित इस सत्र में अधीक्षण अभियंता एम.वाय. मंसूरी एवं कार्यपालन अभियंता एसके मुड़ा ने प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। सहायक अभियंता एमए बेग एवं कनिष्ठ अभियंता जेपी असाटी के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में एमपी ट्रांसको और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र कंपनी, सागर के लगभग 100 मेंटेनेंस, ऑपरेटिंग एवं सुरक्षा कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि विद्युत क्षेत्र में जोखिम भरे कार्यों के दौरान इस तरह का ज्ञान जीवन रक्षक साबित होता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा व्यावहारिक प्रदर्शन
कार्यशाला में बीएमसी, सागर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। इसमें डॉ. सत्येंद्र उईके, डॉ. मोहम्मद इलियास, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. सौरभ जैन एवं डॉ. उमेश पटेल ने उपस्थित कर्मियों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मानव पुतलों और वीडियो का सहारा लिया गया, जिससे कर्मियों को सीपीआर देने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सका।
आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार
सी.पी.आर. के अलावा, चिकित्सकों ने अन्य गंभीर स्थितियों से निपटने के तरीके भी सिखाए। इसमें पानी में डूबे व्यक्ति का बचाव, बिजली का झटका या सदमा (शॉक) लगने पर किए जाने वाले उपाय, श्वास नली में बाहरी वस्तु फंसने पर राहत देने की तकनीक और गंभीर चोट लगने पर प्राथमिक उपचार देने की विस्तृत जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी कर्मचारियों को कार्यस्थल के साथ-साथ सामान्य जीवन में भी दूसरों की जान बचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
