35 लाख की ठगी मामले में पुलिस की सुस्ती पर हाईकोर्ट सख्त, जल्द चार्जशीट पेश करने के निर्देश


जबलपुर
। ​जबलपुर के एक व्यवसायी मोहम्मद फैसल अंसारी के साथ हुई ठगी के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की सुस्ती पर नाराजगी जाहिर की है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि बड़ी संख्या में दस्तावेज होने का बहाना बनाकर जांच में देरी करना उचित नहीं है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर मामले की अंतिम रिपोर्ट पेश करने का आदेश देकर याचिका का निराकरण कर दिया है।

​7 करोड़ की जमीन का सौदा और फर्जी डीड का खेल

​मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, याचिकाकर्ता फैसल अंसारी ने आरोपी तय्युब अंसारी के साथ मौजा कजरावारा (खसरा नंबर 76/1) स्थित कृषि भूमि के लिए सौदा किया था। इस भूमि की कुल कीमत 7 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें फैसल का 17% हिस्सा तय हुआ था। फैसल ने जुलाई से अक्टूबर 2023 के बीच किस्तों में (नकद और आरटीजीएस के जरिए) कुल 35 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद तय्युब अंसारी ने धोखे से खेतों के बीच एक घटिया प्लॉट दिखाकर फर्जी डीड तैयार कर दी, जिससे व्यवसायी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

​9 महीने तक अधर में रही जांच,अब कोर्ट से उम्मीद

​फैसल अंसारी ने इस मामले की शिकायत जनवरी 2025 में पुलिस से की थी, जिसके बाद 11 मार्च 2025 को गोहलपुर थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर नंबर 189/2025 (धारा 420 और 406) दर्ज की गई। हालांकि, एफआईआर के 9 महीने बाद भी न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई और न ही चार्जशीट दाखिल की गई। इस दौरान याचिकाकर्ता ने कई बार जबलपुर एसपी को शिकायतें सौंपीं और पुलिस ने नवंबर 2025 में सेक्शन 94  के तहत नोटिस भी जारी किया, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी।

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