नई दिल्ली। रेलवे अपने लाखों नियमित कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग (कॉन्ट्रेक्ट) पर काम करने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए एक नया और सुरक्षा युक्त पहचान पत्र देगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे, प्रोडक्शन यूनिट और प्रशिक्षण संस्थानों को नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी पत्र के अनुसार, पूरे देश में रेलवे कर्मचारियों की पहचान में एकरूपता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को जारी किए गए निर्देशों को फिलहाल रोक दिया गया था, लेकिन अब नई समीक्षा के बाद प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है।
पीसीपीओ को बोर्ड ने दिया है ये निर्देश
बोर्ड ने क्रिस (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स) के साथ विचार-विमर्श के बाद सभी पीसीपीओ को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों का डेटा एचआरएमएस पोर्टल पर प्राथमिकता के आधार पर अपडेट किया जाए। इसमें कर्मचारी का पदनाम, आधार संख्या, मोबाइल नंबर और नवीनतम फोटो देना अनिवार्य है।
संविदा कर्मियों को भी मिलेगा नया कार्ड
रेलवे में कार्यरत कॉन्ट्रेक्ट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए भी अलग प्रारूप में पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने कहा है कि एक बार डेटा अपडेट और नए फॉर्मेट को अंतिम रूप देने के बाद कार्ड की छपाई और वितरण के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। रेलवे का लक्ष्य है कि सभी स्तरों पर पहचान पत्र एक जैसे हों, ताकि स्टेशनों और संवेदनशील रेल परिसरों में सुरक्षा जांच को और अधिक पुख्ता बनाया जा सके।
