जबलपुर. ट्रेनों में पत्थरबाजी करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. भारतीय रेलवे ऐसी घटनाओं पर नजर रख रहा है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरत रहा है. तमाम लोगों को जेल तक भेजा गया है. इस तरह की घटनाओं से रेल संपत्ति के साथ-साथ यात्रियों और रेल कर्मियों को भी नुकसान पहुंच सकता है. पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन में दिसम्बर 2025 तक 77 घटनाएं सामने आयी हैं, जबकि सबसे कम कोंकण रेलवे में पत्थरबाजी के मामले आए हैं.
भारतीय रेलवे के अनुसार जुलाई से दिसंबर 2025 तक पूरे रेलवे नेटवर्क में 1,698 मामले पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिसमें 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस तरह की घटनाएं सबसे ज्यादा बिहार, बंगाल के लोग नहीं, उत्तर रेलवे (दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा में रहने वाले) आगे हैं. इन राज्यों में उत्तर रेलवे जोन है. छह माह में उत्तर रेलवे में सबसे ज्यादा 363 मामले आए.
ये है जोन स्तर पर पत्थरबाजी की घटनाएं
जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच, पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में पत्थरबाजी के कुल 1,698 मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया। नॉर्दर्न रेलवे में सबसे ज़्यादा मामले (363) सामने आए, इसके बाद ईस्ट सेंट्रल रेलवे (219), साउथ सेंट्रल रेलवे (140), नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (126), वेस्टर्न रेलवे (116) और सदर्न रेलवे (108) का नंबर आता है। दूसरे ज़ोन में भी घटनाएं रिपोर्ट की गईं, जिनमें सेंट्रल रेलवे (96), ईस्टर्न रेलवे (71), नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (67), साउथ वेस्टर्न रेलवे (80), वेस्ट सेंट्रल रेलवे (77), ईस्ट कोस्ट रेलवे (50), साउथ ईस्टर्न रेलवे (51), साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (51), नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (55), नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (25) और कोंकण रेलवे (3) शामिल हैं। दूसरा नंबर पूर्व मध्य रेलवे का है, जहां पर 219 मामले आए हैं. वहीं दक्षिण मध्य रेलवे में 140, उत्तर मध्य रेलवे में 126, पश्चिमी रेलवे में 116 और दक्षिणी रेलवे में 108 मामले दर्ज हुए.
रेलवे ने निगरानी बढ़ाई, सख्त कार्रवाई
रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और गश्त को मजबूत किया है. इससे आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी हो रही है. रेलवे के अनुसार ट्रेनों पर पत्थर फेंकना एक गंभीर अपराध है. इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो रही है, जिसमें आपराधिक मुकदमा दर्ज करना और गिरफ्तारी शामिल है. रेलवे एक्ट और अन्य कानूनों के तहत कड़ी सजा मिलेगी. रेलवे के अनुसार ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि ट्रेन यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंच सके. आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी
