जबलपुर. रेलवे से रिटायर होने वाले अधिकारियों को अब यादगार के तौर पर गोल्ड प्लेटेड सिल्वर मेडल (चांदी का सिक्का) नहीं दिया जायेगा। रेलवे बोर्ड ने बुधवार को आदेश जारी कर इस 20 साल पुरानी परंपरा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। माना जा रहा है कि यह आदेश पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में हुए चांदी के सिक्कों की क्वालिटी घोटाला मामले पर लिया गया है.
बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेनू शर्मा द्वारा जारी आदेशजारी किये गये हैं. साथ ही पुराने सभी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने मार्च 2006 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को करीब 20 ग्राम वजन का स्वर्ण मढ़ा चांदी का सिक्का देने की परंपरा शुरू की गई थी। अब यह पूरी तरह बंद कर दी गई है।
इस माह रिटायर हो रहे अफसरों पर भी पड़ेगा
इसका असर 31 जनवरी को रिटायर होने वाले अधिकारियों पर भी पड़ेगा। इस फैसले के पीछे भोपाल मंडल में सामने आए मेडल घोटाले को मुख्य वजह माना जा रहा है। जांच में सिक्के नकली निकले थे। रेलवे ने सप्लायर के खिलाफ एफआईआर व ब्लैकलिस्ट प्रक्रिया शुरू की है।
