वकीलों ने कहा, अधिकारों का हनन, न्यायिक प्रक्रिया में अनुचित दखल,कार्रवाई की मांग
जबलपुर। जिला न्यायालय में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को लेकर अधिवक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बार एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मियों द्वारा कोर्ट की प्रक्रियाएँ वकीलों की जगह खुद पूरी की जा रही हैं, जिससे न केवल न्यायिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। अधिवक्ताओं के अनुसार, चालान ड्यूटी में तैनात कुछ आरक्षक पक्षकारों से रुपए लेकर मुचलका पेश कराते हैं, जुर्माना जमा कराते हैं, और अपने मोबाइल से अर्थदंड की ऑनलाइन राशि भी भरवा देते हैं। वकीलों का तर्क है कि यह सीधी-सीधी न्यायिक प्रक्रिया में अनाधिकृत दखल है और अधिवक्ता के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
बार एसोसिएशन ने भेजी शिकायत, कार्रवाई की मांग
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने बताया कि इस मामले की लिखित शिकायत जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजी है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों की यह गतिविधि वकालत पेशे के अधिकारों का हनन करती है और न्यायालय की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। पत्र में तत्काल जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने यह भी दावा किया है कि अधिकांश भुगतान ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से होता है, इसलिए जांच पड़ताल में लेन-देन करने वालों के नाम स्पष्ट हो जाएंगे और जिम्मेदार कर्मियों की पहचान आसानी से हो जाएगी। शिकायत सामने आने के बाद जिला न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों की भूमिका और नियंत्रण व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। वकीलों का कहना है कि यदि जल्द रोक नहीं लगाई गई तो न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित होगी।
