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माफिया खम्परिया की पुरानी फाइलें खुलीं, गवाहियां शुरू


अमित खम्परिया के खिलाफ पेंडिंग शिकायतों की जांच तेज,और एफआईआर दर्ज होंगी

जबलपुर। टोल प्लाजा और निवेश कारोबार की आड़ में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाले आरोपी अमित खम्परिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले के पुराने पन्ने भी खोलने में जुट गई है। नागपुर से आरोपी और उसके पिता की गिरफ्तारी के बाद शहर के कई थानों,कोतवाली, ओमती, मदन महल और संजीवनी नगर—में वर्षों से लंबित शिकायती आवेदनों का दोबारा परीक्षण शुरू किया गया है। संबंधित फरियादियों को बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पुलिस इस मामले का दायरा और बड़ा करने की तैयारी में है।

पुरानी शिकायतें दोबारा खुलीं, कई फरियादी सामने आए

क्राइम ब्रांच और धनवंतरी नगर पुलिस चौकी की टीम द्वारा गिरफ्तारी के बाद से खम्परिया की पुरानी गतिविधियों की जानकारी लगातार सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि पिछले वर्षों में जिन शिकायतों पर एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई थी या जिन्हें जांच में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, उन्हें अब फिर सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस थानों में निवेश से जुड़े मामलों में गुमराह करने, रकम हड़पने, धमकाने और आपराधिक दबाव बनाने जैसी शिकायतें दिख रही हैं। कई फरियादी, जिन्हें पहले कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी, अब खुलकर बयान दे रहे हैं।

25 प्रतिशत हिस्सेदारी का झांसा देकर करोड़ों की वसूली

जांच में सामने आया है कि अमित खम्परिया ने टोल प्लाजा और अन्य व्यवसायों में 25 फीसदी मुनाफे की हिस्सेदारी देने का लालच देकर कई लोगों से मोटी राशि निवेश करवाई। सहसीपुर (उत्तरप्रदेश) निवासी 80 वर्षीय गोपीकृष्ण माहेश्वरी ने बताया कि उनकी पहचान खम्परिया से आनंद तिवारी के माध्यम से हुई थी। खम्परिया ने कुंवरपुर टोल प्लाजा में भारी मुनाफे का दावा करते हुए उन्हें निवेश के लिए राजी किया।
माहेश्वरी का कहना है कि एनएचएआई में 3 करोड़ 38 लाख रुपये जमा कराए गए, जिसमें से 2 करोड़ 6 लाख रुपये सीधे बैंक ऑफ महाराष्ट्र, संजीवनी नगर शाखा के माध्यम से खम्परिया के बताए खाते में भेजे गए। इसी तरह शिकायतकर्ता सचिन गुप्ता ने आरोप लगाया कि खम्परिया ने उनसे तीन किश्तों में 1 करोड़ 26 लाख रुपये लिए। जब उन्होंने एनएचएआई से सूचना हासिल की, तो पता चला कि वाहनों की संख्या की जानकारी गलत दी गई थी। रकम वापस मांगने पर केवल 78 लाख रुपये लौटाए गए और 48 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं।

जातिसूचक शब्दों और धमकी का आरोप भी आया सामने

मामले में पंचायत समन्वय अधिकारी राजेश झारिया ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 11 जनवरी 2021 को एसपी ऑफिस और थाना संजीवनी नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। झारिया का आरोप है कि खम्परिया ने उनसे अवैध राशि की मांग की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी भी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी शिकायतों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुरानी फाइलों को फिर से खंगाला जा रहा है और जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।खम्परिया की गिरफ्तारी के बाद पुराने पीड़ितों में उम्मीद जगी है कि अब इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी कांड की पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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