जबलपुर। धुंआधार से लम्हेटा घाट रोड पर कल्याणिका तपोवन स्थित श्रीयंत्र मंदिर में भारतीय परिधान में ही श्रृद्धालुओं को प्रवेश मिलता है। यह मंदिर श्री यंत्र ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रतीक त्रि-आयामी 3डी रूप में दर्शाता है। यह देवी त्रिपुर सुंदरी षोडशी को समर्पित है, जो भोग और मोक्ष प्रदान करती हैं। श्री यंत्र को मां लक्ष्मी का निवास और धन-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि इसकी दक्षिणामय उपासना भोग और उर्ध्वमनाय उपासना से मोक्ष मिलता है।
लम्हेटा रोड पर जापानी तकनीक पर आधारित यह मंदिर साकारात्मक उर्जा से लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। इस मंदिर को कई अनुसंधान के बाद बनाया गया है। सराफा एसोसिएशन के राजेश सराफ कहते हैं कि श्रीयंत्र का देवी त्रिपुर सुंदरी से नाता होने की वजह से इसे नर्मदा किनारे की दक्षिण में बनाया गया है, जो शहर के लिए आध्यात्म के लिए एक स्थान है। यह मंदिर कला-अध्यात्म का अनूठा संगम है। गौरतलब है कि श्रीयंत्र के मंदिर अमरकंटक, हरिद्वार में भी हैं, लेकिन शहर में होने से आध्यात्म के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इस मंदिर में पश्चिमी परिधानों पर प्रतिबंध है। मंदिर में प्रवेश करने के लिए पुरूषों को यहां धोती दी जाती है। महिलाएं भी भारतीय परिधान में प्रवेश कर सकती हैं।
