हंगामा कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें आपातकालीन व वैध कारणों के बावजूद समय पर छुट्टियां नहीं मिल रही हैं। उन्होंने डिपो प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह पर मानसिक प्रताडऩा और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जायज मांगों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सीनियर DME को उनके पद से हटाया नहीं जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। यूनियन सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे नियमानुसार काम करने को तैयार हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत द्वेष और मानसिक प्रताडऩा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने छुट्टी जैसे बुनियादी अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझाने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। C&W ROH परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जहां बड़ी संख्या में रेलकर्मी प्रदर्शन में शामिल हैं।